उत्तराखंड राज्य से मुख्य समाचार
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लंबित योजनाओं पर कार्यवाही जल्द: सीएम
देहरादून, मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने कहा कि राज्य में नेशनल हाइड्रो पावर कारपोरेशन की लंबित चल रही परियोजनाओं के कार्यान्वयन प्रस्ताव पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। रविवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री खंडूड़ी ने एनएचपीसी अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक एबीएल श्रीवास्तव तथा निदेशक आरएस मिश्रा के साथ राज्य में लंबित जल विद्युत परियोजनाओं पर चर्चा के दौरान यह आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा प्रस्तावित धौलीगंगा के इंटरमीडिएट फेज, 210 मेगावाट तथा गौरीगंगा 3-ए, 120 मेगावाट जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जल्द कार्यान्वयन प्रस्ताव जारी कराने की कोशिश की जाएगी। एनएचपीसी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने आश्वासन दिया कि उत्तराखंड की जल विद्युत क्षमता के विकास के लिए एनएचपीसी हरसंभव मदद उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में चाणक्यपुरी में नवनिर्मित उत्तराखंड सदन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सदन के रखरखाव तथा खानपान की व्यवस्था की जानकारी ली और अतिथियों को बेहतर सुविधा देने के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ मुख्य स्थानिक आयुक्त एसके मुट्टू, विशेष कार्याधिकारी जेपी ममगांई सहित विभिन्न अधिकारी भी थे।
एथलेटिक्स व वेटलिफ्टिंग में उत्तराखंड को सोना
देहरादून, 19वीं आल इंडिया फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, वेट लिफ्टिंग व पावर लिफ्टिंग में स्वर्णिम सफलता हासिल की। एथलेटिक्स में उत्तराखंड ज्योति भट्ट ने दो और स्वर्ण झटके। स्विमिंग में तमिलनाडु का दबदबा रहा। तीसरे दिन उत्तराखंड 11 स्वर्ण सहित 24 पदक लेकर तालिका में शीर्ष पर हैं। तमिलनाडु 10 स्वर्ण सहित 24 पदक लेकर दूसरे स्थान पर है। आइजीएनएफए स्टेडियम में रविवार को एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाएं हुई। 100 मी. दौड़ के पुरुष ओपन वर्ग में तमिलनाडु के एस बरनाबास, वेटरन में उड़ीसा के हरधान भोई, सीनियर वेटरन में छत्तीसगढ़ के एचएल मा और महिला ओपन वर्ग में छत्तीसगढ़ की चारुलता ने स्वर्ण पदक जीता। 400 मी. दौड़ के पुरुष ओपन वर्ग में केरल के सिजु सिमोन, वेटरन में मध्य प्रदेश के एलपी तिवारी और महिला ओपन वर्ग में उत्तराखंड की ज्योति भट्ट ने स्वर्णिम सफलता हासिल की।
पॉकेट मनी से शहर को संवारने का सपना
देहरादून, मेकिंग ए डिफरेंस (मैड), जी हां ये बच्चे सच में मैड हैं, लेकिन इनका पागलपन शहर के सौंदर्य को निखारने के लिए है। दून के स्कूलों से निकल कॉलेज-विश्वविद्यालयों में पहुंचने के साथ ही कुछ छात्रों ने दून को सुंदर बनाने का सपना देखा। यहीं से शुरू हुआ मैड का सफर। चंद छात्रों की मुहिम धीरे-धीरे रंग ला रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से खुद कचरा एकत्र कर डिस्पोज करने के साथ ही ये छात्र लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं। इस पूरी मुहिम को ये छात्र अपनी पॉकेट मनी से संचालित करते हैं। इसी कड़ी में मैड ने लगभग एक दर्जन स्कूलों से संपर्क कर उनके स्कूल कैप्टन्स को एक मंच पर एकत्र किया। रविवार को मैड की पहल पर दून के दर्जनभर से ज्यादा स्कूलों के छात्र प्रतिनिधि एक मंच पर आए। मुद्दा था शहर को स्वच्छ रखना और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलाने के लिए लोगों को जागरूक करना। इस मौके पर भ्रष्टाचार का विरोध करने पर भी मंथन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत ननयांग विवि सिंगापुर की छात्रा सोनाक्षी ने की। उन्होंने मैड की स्थापना, उद्देश्य और आयोजन की जानकारी दी। लेडी हार्डिग्स कॉलेज दिल्ली की छात्रा सरयु वासन और हंसराज कॉलेज दिल्ली की छात्रा जैप्लीन बिंद्रा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से मैड की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद स्कूल कैप्टन्स व मैड के मेंबर्स ने शहर के सौंदर्य को बिगाड़ने वाले कारकों और इसके निदान में उनकी भूमिका को लेकर मंथन किया। मैड के संस्थापक व नेशनल लॉ विवि जोधपुर के छात्र अभिजय नेगी व सह संस्थापक आकाश भाटिया ने बदलते माहौल और बिगड़ते पर्यावरण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को इसके लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सेंट जोजेफ्स, सेंट थॉमस, सेंट ज्यूड्स, दून इंटरनेशनल, कांवेंट ऑफ जीजस एंड मेरी, समरवैली स्कूल, ब्राइटलैंड समेत लगभग एक दर्जन स्कूलों ने भाग लिया। इस मौके पर पवन सिंह नेगी, अनुराग चौहान समेत मैड के तमाम सदस्य मौजूद थे।
सरकार के मंसूबे पर अफसरशाही का खेल
देहरादून, सरकार के मंसूबे पर पानी फेरना कोई सूबे की अफसरशाही से सीखे। मामला महिला कल्याण विभाग निदेशालय से जुड़ा है। हैरानी की बात यह है कि इस बारे में दो-दो मुख्यमंत्रियों ने कुल तीन बार निर्देश जारी किए, वित्त व कार्मिक की एनओसी भी मिल गई लेकिन अभी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। मामले में कवायद तो अभी भी जारी है लेकिन अफसरशाही की कोशिश इसे समाज कल्याण निदेशालय का ही अंग बनाए रखने की है। राज्य गठन के बाद जनवरी वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्य सचिव ने यूपी की तर्ज पर महिला कल्याण, विकलांग कल्याण, एससीएसटी कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को समाज कल्याण में समायोजित कर दिया लेकिन विभागीय कामकाज का फारमेट क्या होगा, इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी गई। नतीजतन, सबकुछ घालमेल हो गया। उस समय महिला कल्याण में करीब साढ़े तीन सौ कार्मिक थे, जो आज भी काम तो कर रहे हैं लेकिन उनकी तैनाती और पदोन्नति को लेकर कोई नियमावली नहीं बनी। विभाग के पास नारी निकेतन, वृद्धावस्था पेंशन, बाल सुधार गृह समेत महिलाओं के कल्याण से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। विभाग का बजट करीब सौ करोड़ का है। केंद्र, विभाग में करीब चार सौ और कार्मिकों की नियुक्ति को तैयार है।
किसान क्रेडिट कार्डों का वितरण न होने से डीएम नाराज
बागेश्वर। जिले में अब तक सिर्फ 15 हजार ही किसान क्रेडिट कार्डों का वितरण हुआ है, जबकि ऐसे किसानों की संख्या 55 हजार है। इससे नाराज जिलाधिकारी ने रेखीय विभागों और बैंकों के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्डों का वितरण शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा इस कार्य में लापरवाही कतई सहन नहीं की जाएगी।कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सीएस नपलच्याल ने किसान क्रेडिट कार्डों को अति महत्वपूर्ण बताया। रेखीय विभागों के अधिकारियों तथा बैंक के अधिकारियों को आपसी सामंजस्य बनाकर इस कार्य को समय पर निपटाने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया 22 सितंबर को बागेश्वर में प्रात: 11 से एक बजे, इसी दिन गरुड़ में अपराह्न दो से पांच, जबकि 23 सितंबर प्रात: 11 से एक बजे तक कपकोट ब्लाक में प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। 26 तथा 27 सितंबर को किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर उन्हें वितरण किया जाएगा। 28 सितंबर को कपकोट के शामा में शिविर लगाकर किसानों को कार्ड बांटे जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सभी रेखीय विभागों के अलावा पटवारी, ग्राम पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी, आजीविका के अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद रहेंगे। आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्री तथा सुदूरवर्ती स्वास्थ्य सहायकों द्वारा भी किसानों को क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए शिविर में लाने के प्रयास करने होंगे। इस दौरान परियोजना निदेशक जीएन जोशी, एसडीएम बागेश्वर एसएस राणा, बीडीओ बागेश्वर मोहन नाथ गोस्वामी, कपकोट केएन तिवारी, गरुड़ जीएस गड़िया आदि अधिकारी मौजूद थे।
सपा: उम्मीदवारों के चयन को फिर से मंथन
देहरादून, आलाकमान द्वारा तय किए गए टारगेट के बाद सपा में प्रत्याशियों के चयन पर नए सिरे से होमवर्क शुरू हो गया है। आगामी 24 दिसंबर को पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। सूबे की राजनीति में अपना वजूद बनाने को संघर्षरत सपा पूर्व की भांति ही इस बार के चुनाव में भी ऊधमसिंहनगर, देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिले को फोकस कर काम कर रही है। पार्टी ने अब तक छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। बीस सीटों के लिए संभावित प्रत्याशियों की सूची आलाकमान को भेज दी गई थी लेकिन पार्टी अब इस पर नए सिरे से होमवर्क करेगी। दरअसल पार्टी आलाकमान ने इस बार के चुनाव में येन-केन-प्रकारेण आठ प्रतिशत वोट हासिल करने का टारगेट दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके बिना पार्टी को सूबे में मान्यता नहीं मिलेगी। जाहिर है वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव व 2007 के विधानसभा चुनाव के अनुभव को देख पार्टी की प्रदेश इकाई के सामने यह बड़ी चुनौती है। प्रदेश अध्यक्ष विनोद बड़थ्वाल के मुताबिक, इस सिलसिले में अब नये सिरे से मंथन किया जा रहा है। पुरानी सूची की फिर से स्क्रीनिंग व इसमें कुछ नए नाम भी शामिल किए जा सकते हैं। आगामी 24 अगस्त को देहरादून में प्रस्तावित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सूची जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र भी जल्द जारी किया जाएगा।
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संक्षिप्त में खबर राजधानी से
देहरादून शहर सेविकासनगर/त्यूणी, देहरादून-पांवटा हाइवे पर सुद्धोवाला के पास ओएफसी कटने से पछवादून क्षेत्र में लैंडलाइन व मोबाइल सेवा बाधित रही। उधर, चकराता-त्यूणी मार्ग पर चिल्हाड़ व त्यूना गांव के बीच कटी ओएफसी को निगम कर्मी दूसरे दिन भी नहीं ठीक कर पाए।
दूसरे शहरों से
गढ़वाल से
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया वार्षिकोत्सवकलालघाटी, निज प्रतिनिधि : महर्षि कण्व विद्या निकेतन, कण्वघाटी का वार्षिकोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं में प्रथम स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
टिहरी से
कांग्रेस नेताओं ने भरी हुंकार जिले के दो विधान सभाओं में आयोजित काग्रेस की रैली में प्रदेश सरकार को उखाड़े फेंकने का आह्वान किया गया। टिहरी विधान सभा के करियाणीसैण एवं प्रतापनगर विधानसभा के लंबगाव महाविद्यालय में हुई जनसभा में केंद्रीय...
बागेश्वर से
सड़कें खस्ताहाल, टैक्सी चालक मालामालबागेश्वर। हल्द्वानी और रानीखेत मार्ग की खस्ताहाल का फायदा टैक्सी चालक उठा रहे हैं। इन मार्गों पर केमू की कई बसों का संचालन पिछले काफी समय से ठप है, जबकि तहसील मुख्यालयों के लिए अपराह्न तीन बजे के बाद एक भी बस नहीं चलती है। लोगों को मजबूरी में ट्रैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। टैक्सी चालक भी इस मजबूरी का फायदा उठते हुए पूरी टैक्सी बुक करने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में लोगों को 24 से 30 किमी का सफर 600 रुपये में पड़ता है। विरोध करने पर टैक्सी चालक मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं।सड़कों की खस्ता हालत के चलते दो महीने से हल्द्वानी-शरण, हल्द्वानी-रीमा, हल्द्वानी-सौंग तथा रानीखेत से सौंग के लिए बस संचालन बंद है। स्थिति यह है कि बागेश्वर, कपकोट, कांडा तथा काफलीगैर उप तहसील के लिए अपराह्न तीन बजे के बाद कोई बस नहीं है। जिला मुख्यालय से बोहाला तथा कठपुड़ियाछीना जाने वाली बस भी पिछले कई दिनों से बंद पड़ी है। इसी तरह जिला मुख्यालय से दोपहर 12.30 बजे से अपराह्न दो बजे, सात एवं 12 बजे भराड़ी तथा रीमा के लिए जिला मुख्यालय से जाने वाली केमू की बस पिछले कई दिनों से नहीं चल पा रही हैं, इसका खामियाजा लोगों को महंगा सफर तय कर चुकाना पड़ रहा है। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर टैक्सी चालक दोगुने से भी ज्यादा किराया वसूल रहे हैं, विरोध करने पर मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं। इसकी शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। केमू के स्थानीय स्टेशन प्रभारी धरणीधर जोशी ने बताया हल्द्वानी तथा आंतरिक सड़कों की दशा खराब होने से वाहन चालकों ने अपनी बसें सरेंडर करा रखी हैं। उम्मीद है एक अक्तूबर से अधिकतर बसें संचालित हो जाएंगी।
उत्तरकाशी से
सात सौ ग्राम चरस के साथ दोे दबोचे उत्तरकाशी। थाना कोतवाली पुलिस ने विकासनगर के दो युवकों को 700 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जोशियाड़ा क्षेत्र में छापामारी अभियान चलाकर पुलिस ने दो युवकों को अवैध अंग्रेजी शराब के 236 पव्वों के साथ गिरफ्तार किया।मुखबिर से मिली जानकारी पर पुलिस ने रविवार शाम को साल्ड बैंड पर दो युवकों की तलाशी ली, तो उनके पास से 700 ग्राम चरस बरामद हुआ। पुलिस ने चरस के साथ गिरफ्तार विकासनगर निवासी साकिब अली व इफ्तिखार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में नई टिहरी जेल भेज दिया गया है।थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि छापामारी अभियान के दौरान पुलिस ने इंद्रावती पुल के पास से बौंगाड़ी निवासी राजेंद्र सिंह व कोटी गांव के खुशाल सिंह को अंग्रेजी शराब के 236 अवैध पव्वों के साथ गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 60ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभियान में थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक विजय मेहता व महादेव सिंह और कांस्टेबिल आकाश मीणा व नवीन कवि शामिल थे।
पिथौरागढ़ से
हिजामं कार्यकर्ता उतरे सड़कों पर -आतंकवादी हमलों से गुस्साये, पुतला फूंकाजागरण कार्यालय, पिथौरागढ़: देश में लगातार बढ़ रहे आतंकवादी हमलों से गुस्साये हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ता सोमवार को सड़कों पर उतर आये। कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए आतंकवाद का पुतला फूंका।नगर के गांधी चौक पर एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने एक सभा की। इसमें वक्ताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रहे आतंकवादी हमलों से असुरक्षा का माहौल बढ़ रहा है। पिछले 15 वर्षो के दौरान देश की राजधानी में 19 बार आतंकवादी हमले हो चुके हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से आतंकवादियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि आतंकवादियों के इस अघोषित युद्ध का जवाब देने के लिए लोगों को एकजुट होकर मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि हिजामं आतंकवाद के खिलाफ देश में जागरूकता अभियान चलायेगा। सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आतंकवाद का पुतला फूंका। पुतला दहन में जिलाध्यक्ष महेन्द्र चमाली, जिला उपाध्यक्ष सोनम पाण्डेय, महेन्द्र, मन्नू भट्ट, रमेश भट्ट, संजू, राधे, मुकेश, सुरेश, मुन्ना पाण्डेय, विक्रंात, राजेश, पवन, सूरज आदि शामिल थे। >पूरी खबर पढ़ें
रुद्रप्रयाग से
भीरी-परकंडी मोटर एक माह से ठप रुद्रप्रयाग। परकंडी-मक्कू क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों को यातायात से जोड़ने वाला भीरी-परकंडी मोटर मार्ग लगभग एक माह से अवरुद्ध चल रहा है। यदि मार्ग शीघ्र नहीं खुलता है, तो क्षेत्र में राशन और ईंधन की किल्लत हो जाएगी। समस्या यह है कि भूधंसाव के कारण काश्तकारों के खेत क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। वहीं इस मोटर मार्ग का मलबा रुद्रप्रयाग-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बाधित कर रहा है।पीएमजीएसवाई के अंतर्गत भीरी-परकंडी मोटर मार्ग के किमी डेढ़ पर मेंजा नामक तोक में जुलाई माह से सड़क के ऊपर की जमीन धंस रही है। जुलाई माह में भी यह मार्ग कई दिनों तक अवरुद्ध रहा था। इसके बाद इस पर कुछ ही दिन वाहन चल पाए।परकंडी निवासी गजेंद्र चौधरी ने बताया कि एक माह से सड़क का मलबा साफ नहीं हो पाया है। लोनिवि की मशीन मौके पर पहुंचती है, लेकिन मार्ग नहीं खोल पाती है। सड़क के बाधित होने के कारण ठांड, धरसाल, ककोला, ध्रुवनगर, उथिंड, पैलिंग, पल्द्वाड़ी, गरवाली, परंकडी, भींगी और पाव जगपुड़ा सहित अन्य गांवों के लोग आवश्यक सामग्री पैदल ढो रहे हैं। यदि ग्रामीणों को सड़क से मार्ग से जाना हो तो, मक्कू पहुंच मार्ग से ऊखीमठ होते हुए जाना पड़ रहा है। ऐसे में राशन और ईंधन ले जाने के लिए ऊखीमठ का फेरा काटना होगा, जो उपभोक्ताओं को महंगा पडे़गा।किमी डेढ में लगातार मलबा और पानी आ रहा है। सड़क खोलने के लिए मशीन लगाई गई है। लेकिन निरंतर मलबा आने के कारण सड़क नहीं खुल पा रही है। यहां पर बोल्डर तोड़ने के लिए कंप्रेशर भी भेजा गया है। दो-तीन दिन में सड़क खुलने की संभावना है।-ललित मोहन डुडेजा, ईई लोनिवि सिंचाई खंड।परकंडी क्षेत्र में छोटे वाहनों से गैस सिलेंडर भेजने के लिए कहा गया है। पिछले माह की राशन क्षेत्र में बंट चुकी है। सड़क खुलते ही इस माह की राशन भी भे दी जाएगी।-जेपी घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी।
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